भजन-संहिता 92 (एस सी ए)

भजन-संहिता 9292 इबरानी म 92:1‑15 ला 92:2‑16 गने गे हवय
एक भजन। बिसराम दिन बर एक गीत।
1यहोवा के परसंसा करई
अऊ हे सर्वोच्च परमेसर, तोर नांव म बाजा बजई बने बात ए,
2बिहनियां तोर मया
अऊ रथिया तोर बिसवासयोग्यता के घोसना करई,
3दस तारवाला बाजा
अऊ बीना के सुघर राग बजई बने बात ए।
4काबरकि हे यहोवा, तेंह अपन काम के दुवारा मोला खुस कर देथस;
तोर करे गय काम के कारन मेंह आनंद के गीत गाथंव।
5हे यहोवा, तोर काममन कतेक बड़े हवंय,
तोर बिचारमन कतेक गंभीर हवंय!
6अगियानी मनखे येला नइं जानंय,
मुरूखमन येला नइं समझंय,
7हालाकि दुस्ट मनखे कांदी के सहीं निकलथें
अऊ जम्मो दुस्ट काम करइयामन उन्नति करथें,
पर ओमन हमेसा बर नास हो जाहीं।
8पर हे यहोवा, तोर सदा-सर्वदा बड़ई होथे।
9काबरकि हे यहोवा, खचित तोर बईरीमन,
खचित तोर बईरीमन नास हो जाहीं;
जम्मो दुस्ट काम करइयामन तितिर-बितिर हो जाहीं।
10तेंह मोर सींग92:10 सींग ह इहां ताकत के प्रतीक अय ला जंगली सांड़ के सहीं ऊंच करे हस;
सुघर तेल ह मोर ऊपर रितोय गे हवय।
11मोर आंखी ह मोर बईरीमन के पराजय ला देखे हवय,
मोर कान ह मोर दुस्ट बईरीमन के कोलाहल ला सुने हवय।
12धरमी मनखे ह खजूर के रूख सहीं फूलही-फरही,
ओमन लबानोन के देवदार सहीं बढ़हीं;
13यहोवा के घर म रोपे जाके,
ओमन हमर परमेसर के अंगना म फूलहीं-फरहीं।
14ओमन बहुंत उमर होय के बाद घलो फर दीहीं,
ओमन तरो-ताजा अऊ हरियर रहिहीं,
15अऊ ये घोसना करहीं, “यहोवा ह नियायी अय;
ओह मोर चट्टान ए, अऊ ओमा कोनो दुस्टता नइं ए।”